बहाने
by Gyandutt Pandey
“सारे बहाने दरकिनार कर मानो कि तुम एक काबिल आदमी हो।”
शक मेरी काबिलियत पर आप क्यूँ करते जनाब?
अच्छे अच्छो का किया ख़ाना तो हमने है ख़राब,
यूं तो अपने मुंह ‘मियां मिट्ठू’ नहीं बनते कभी,
दिल के शहजादे है ‘उनके’, गाँव के अपने ‘नवाब’. http://aatm-manthan.com
बहाने
by Gyandutt Pandey
“सारे बहाने दरकिनार कर मानो कि तुम एक काबिल आदमी हो।”
शक मेरी काबिलियत पर आप क्यूँ करते जनाब?
अच्छे अच्छो का किया ख़ाना तो हमने है ख़राब,
यूं तो अपने मुंह ‘मियां मिट्ठू’ नहीं बनते कभी,
दिल के शहजादे है ‘उनके’, गाँव के अपने ‘नवाब’.
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